गरीब नवाज की दरगाह में सूफी रंग फेस्टिवल, अकीदतमंदों का लगा है मेला

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अजमेर। महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में इन दिनों सूफी रंग फेस्टिवल चल रहा है। दरगाह के ऐतिहासिक महफिल खान में चल रहे इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए केलिग्राफिस्ट की कैलीग्राफी नमूने ओर पेंटिंग्स जायरीन के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। दरगाह के ऐतिहासिक महफिल खाना में इन दिनों इस फेस्टिवल को देखने के लिए जायरीन का तांता लगा हुआ है। दरगाह जियारत के बाद जियारत इस फेस्टिवल को देखने से अपने आपको रोक नहीं पाते हैं। यहां प्रदर्शित कुरानी तुगरे और इस्लामी पेंटिंग्स को अनेक अकीदतमंद अपने कैमरों में भी कैद कर के ले जा रहे हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन का समापन 11 दिसंबर को होगा।यह आयोजन चिश्ती फाउंडेशन अजमेर की ओर से किया जा रहा है। फाउंडेशन के निदेशक सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि इस मौके पर सूफी आर्ट और पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। उर्दू और अरबी में कुरान की आयतों की दिलकश कैलिग्राफी अकीदतमंदों को लुभा रही हैँ। मुंबई के पामेली कयाल, अहमदाबा के शाहिद रहमान, उदयपुर के एमए हुसैन, अजमेर के अक्श, नई दिल्ली के मशहूर कैलिग्राफिस्ट और राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त अनीस सिद्दीकी, नई दिल्ली के ही कमर डागर, टोंक के मुमताज अली, मुंबई के महबूब शेखा, भरूच के मोहममद जी खत्री, महाराष्ट्र के एसएम आगा आदि की पेंटिंग्स और कैलिग्राफी के नमूने यहां प्रदर्शित किए गए हैं। सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि इस बार पहली बार खुद्दाम ए ख्वाजा के 6 से 16 साल तक के बच्चों का कुरान पाठ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह आयोजन महफिल खाना में किया गया था। फाउंडेशन की ओर से ईद मीलादुननबी के मौके पर यह आयोजन किया जाता है।

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