पेट्रोल पम्प पर अब खुद भरना होगा गाड़ी में पेट्रोल

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परिक्रमा रिपोर्टर
जोधपुर। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशनों की बात पेट्रोलियम कंपनियों ने मान ली तो वह दिन दूर नहीं जब जोधपुर समेत पूरे राज्य में आपको पेट्रोल पम्प पर खुद वाहन से उतरकर डेबिट या क्रेडिट कार्ड स्क्रेच कर पेट्रोल या डीजल भरना पड़ेगा। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशनों ने पेट्रोलियम कंपनियों को इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाकर इसे जल्द अमल में लाने की गुजारिश की गई है। इस प्रस्ताव के तहत पंप पर पेट्रोल लेने पहुंचने वाला ग्राहक डिस्पेंसर मशीन से खुद ही पेट्रोल भर सकेगा और कार्ड से पेमेंट कर सकेगा। यह सब इतना सरल करने की योजना है कि एक ग्राहक को दो से सवा दो मिनट का वक्त लगे। असल में, विदेशों की तर्ज पर पेट्रोल पंपों को भी पूरी तरह से कैशलेस करने की प्लानिंग है। योजना है कि हर डिस्पेंसर मशीन पर एक कार्ड स्वाइप मशीन भी लगाई जाए। उसमें ही पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खपत की जानकारी हो। जिससे ग्राहक जितना पेट्रोल चाहिए, वह खुद ही अंकित करे और उसका भुगतान करने के बाद नोजल से पेट्रोलियम पदार्थ ले लें। गौरतलब है कि हर पंप पर चार से आठ तक डिस्पेंसर मशीन होती हैं। वर्तमान में प्रदेश में 4800 से भी ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। इनमें से 3200 से भी ज्यादा पंप पेट्रोल पंप कम्पनियों के हैं। साथ ही अन्य निजी पंप हैं। प्रदेश में हर दिन दो लाख लीटर से भी ज्यादा पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खपत होती है।
फायदों के बीच हो सकता है बड़ा नुकसान
पेट्रोल पंपों को विदेशों की तर्ज पर कैशलेस और आसान बनाने की इस योजना में कई फायदे हैं, लेकिन इसका एक बड़ा नुकसान भी है। वर्तमान में प्रदेश में 4800 से भी ज्यादा पेट्रोल पंपों हर पंप पर पांच से सात कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन पंपों पर करीब तीस हजार से भी कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत है। अगर यह योजना अमल में आती है तो इन कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडरा सकता है।

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