हाईकोर्ट ने देवस्थान विभाग के मंदिरों पर जताई नाराजगी

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परिक्रमा रिपोर्टर
जोधपुर।
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति गोविंद माथुर की खंडपीठ ने देवस्थान विभाग के अधीन मंदिरों की दुर्दशा पर नाराजगी जताते हुए संज्ञान लेकर विभाग को इसके तहत मंदिरों के रंग रोगन से लगा कर पुख्ता व्यवस्था की जानकारी देने के आदेश दिए है। जिसमें हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर के साथ ही उसके बाहरी सौदर्यकरण को लेकर भी दुकानों के बाहर एक जैसे साईन बोर्ड लागने के आदेश के तहत विभाग को पाबंद किया गया है। हाईकोर्ट खंडपीठ ने गत माह परिक्रमा में छपी शीर्षक खबर ’’नाबालिग ठाकुरजी की संपत्ति की दुर्दशा, गार्जन मौन’’ खबर के बाद स्वप्रेरणा संज्ञान लेकर इस मामले में देवस्थान विभाग के आयुक्त व स्थानीय सहायक आयुक्त से जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही खंडपीठ ने मंदिर परिसर में कौन-कौन रहता है। इसकी सूची भी विभाग को अपने जवाब के साथ उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए है। इसके साथ ही परिक्रमा ने गत वर्ष एक खबर का प्रकाशन किया गया था कि ’’ठाकुरजी को कौन सुनाये ऋतुराग’’ इस बाबत भी खंडपीठ ने मंदिर की सीढिय़ों में पर्यटकों के लिए बैंडवादन जैसे आकर्षण की संभावनाएं तलाशने के आदेश दिए है।
यह थी परिक्रमा की खबर
परिक्रमा ने अपने 13 फरवरी 201७ के अंक में शीर्षक खबर का प्रकाशन किया गया था। जिसमें ठाकुरजी के मंदिर की दुर्दशा कैसे और कब-कब होने के साथ ही वर्तमान की स्थिति का पूरा ब्यौरा दर्शाया गया था। जिसमें देश में इंमरजेंसी से लगाकर किरायेदारों द्वारा मंदिर संपदा को नुकसान पहुंचाने की पूरा ब्यौरा था। इसके बाद गुरूवार को राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गोविंद माथुर व विनीत माथुर की खंडपीठ ने मंदिर की बदहाल व्यवस्था को लेकर परिक्रमा की खबर पर स्वप्रेरणा प्रसंज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए।

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