आखिरी क्षणों में जीत हाथ से फिसल गई : पी वी सिंधु

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ग्लास्गो। वल्र्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में रजत पदक से ही भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु को संतोष करना पड़ा। जापान की नोजोमि ओकुहारा के खिलाफ फाइनल मैच में सिंधु ने अंतिम क्षणों तक कड़ी चुनौती पेश की। इस मुकाबले पर उन्होंने कहा कि मैच में शुरुआती पकड़ के बाद आखिरी क्षणों में जीत मेरे हाथ से फिसल गई। सिंधु (22) ने निर्णायक गेम में 20-20 के अंक पर अहम गलती का जिक्र करते हुए कहा, मैं निश्चित रूप से सोना नहीं जीत पाने पर दुखी हूं। तीसरे गेम में 20-20 अंक पर यह मैच किसी का भी था। दोनों का लक्ष्य स्वर्ण पदक था और मैं इसके बहुत करीब थी लेकिन आखिरी क्षण में सब कुछ बदल गया। अपनी प्रतिद्वंदी की तारीफ करते हुए सिंधु ने कहा, ‘उन्हें हराना आसान नहीं है। जब भी हम खेले तो वह आसान मुकाबला नहीं रहा। वह बहुत-बहुत मुश्किल था। मैंने कभी उन्हें हल्के में नहीं लिया। हमने कभी कोई शटल नहीं छोड़ी। मैं मैच के लंबे समय तक चलने के लिए तैयार थी लेकिन मुझे लगता है कि यह मेरा दिन नहीं था। एक घंटे 49 मिनट तक चले मैच के बारे में हैदराबाद की खिलाड़ी ने कहा कि यह मानसिक और शारीरिक तौर पर काफी कठिन मैच था। यह मुकाबला इस टूर्नामेंट का सबसे लंबे समय तक चलने वाला मैच था। सिंधु ने कहा कि कुल मिलाकर विश्व चैंपियनशिप का फाइनल भारतीयों के लिए संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा, हम भारतीय बहुत गौरवान्वित हैं कि हमने साइना के अच्छे प्रदर्शन के साथ 2 पदक जीते। मुझे बहुत गर्व है कि मैं देश के लिए रजत पदक जीत पाई। इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिला है और मैं भविष्य में और खिताब जीतूंगी।

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