हाईकोर्ट में फिर टली आसाराम की सुनवाई

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फर्जी बाबाओं की लिस्ट में शामिल होने पर चुप्पी साधी
जोधपुर। अपनी आश्रम की छात्रा के साथ यौन शोषण करने वाले आसाराम को साधु संतों के शीर्ष संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी करार देने पर सोमवार को उसने कोर्ट में पेशी के दौरान कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बजाए चुप्पी साध ली। गौरतलब है कि आसाराम राम रहीम सहित 14 कथित संतों को फर्जी करार दिया गया है।
इधर, राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट हिदायत दी है कि उसके समर्थक कोर्ट परिसर में नहीं आए। साथ ही जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की भी कहा है कि कोर्ट परिसर और आसपास आसाराम के समर्थक नजर नहीं आने चाहिए। पुलिस प्रशासन की आसाराम की जेल से कान्ॅफ्रेंस के माध्यम से करवाने संबंधी याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस गोंविद माथुर व जस्टिस विनित कुमार ने यह हिदायत दी है। कोर्ट ने आसाराम के अधिवक्ता से कहा कि पेशी पर उपस्थिति के दौरान आसाराम के समर्थक सड़कों पर खड़े नहीं होने चाहिए। हालांकि सोमवार को भी कोर्ट में आसाराम के समर्थक की भीड़ नजर आई। कई समर्थक वकीलों की तर्ज पर काले कोट पहनकर इधर-उधर घूमते नजर आए। कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को आसाराम की पेशी पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए है। कोर्ट में आसाराम के समर्थकों के हंगामा मचाने और अनियंत्रित होने की वजह से पुलिस प्रशासनं ने आसाराम की सुनवाई जेल से कॉन्फ्रेंस के माध्यम से करवाने के लिए याचिका हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई है। लेकिन हाईकोर्ट खंडपीठ जस्टिस गोविंद माथुर व जस्टिस वीनित कुमार माथुर ने इस संबंध में पुलिस व आसाराम अधिवक्ता को निर्देश दिए है। अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।

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