मासूम बेच रहे नशे की पुडियां, राजस्थान के इस शहर में धड़ल्ले से चल रहा यह गंदा कारोबार

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अजमेर
नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है, गांजा, चरस आदि की पुडिय़ा आप जब चाहो आसानी से खरीद सकते हों। इसके लिए 100 रुपए से 200 रुपए खर्च करो और नशे की पुडिय़ा लेकर छू हो जाओ। नशे के इस कारोबार में जुड़े मुख्य लोग भूमिका में सामने नहीं आते हैं, घुमन्तु एवं सुभाष उद्यान में गुडिय़ा के बाल बेचने वाले या अन्य कोई सामान बेचने वाले किशोर एवं युवा पैसे हाथ में थमाते ही गांजा एवं चरस आदि की पुडिय़ा लाकर चुपचाप थमा देते हैं। गंज, बजरंगगढ़, सुभाष उद्यान, बारादरी क्षेत्र में यह किशोर, युवा अपने आका तक पहुंच कर 20 मिनट में यह नशे का सामान उपलब्ध करवा देते हैं। करीब 500 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी एवं होमगार्ड की तैनातगी भी इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लगा पाई। राजस्थान पत्रिका की टीम ने रविवार को स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से यह उजागर किया है। यहां 50 रुपए में पुडिय़ा नहीं मिलती है, अगर चाहिए तो 200 रुपए लगेंगे। गांजा मुझे यहां नहीं बाहर जाकर ऊपर टेकरी पर जाकर लाना पड़ेगा, अगर भाई तुम्हें चाहिए तो दो 200 रुपए। तुम सोचते हो कि अगर तुम्हें पुडिय़ा दे देगा तो नहीं देंगे, मैं ही ला सकता हूं। मगर पहले 100 रुपए का नोट थमाकर गांजे की पुडिय़ा देने के बाद शेष 100 रुपए देने की बात कही तो अपना मिठाई (गुडिय़ा के बाल) का थाल वहीं रखकर कहा कि तुम यहीं ठहरो और मैं अभी लेकर आता हूं। यह कहकर किशोर रवाना हुआ और रामप्रसाद घाट के सामने पहाड़ी पर जाकर गांजे की पुडिय़ा 20 मिनट में लेकर आ गया। जे की पुडिय़ा देने से पहले शेष 100 रुपए मांगे, मगर उसे कहा कि 50 रुपए ही दूंगा तो वह राजी हो गया लेकिन कहा कि पुडिय़ा सबके सामने नहीं साइड में आकर लो…हाथ में गांजे की पुडिय़ा ली तो उसकी नजर कैमरे की तरफ गई और मिठाई के थाल को रखकर बारादरी से नीचे पार्क की ओर दौड़ लगा दी….रिपोर्टर ने भी उसका पीछा कर चंद कदमों पर ही लपक लिया। स्टिंग ऑपरेशन नहीं खत्म नहीं हुआ, उसे पकडऩे के बाद काफी लोगों की भीड़ जमा हो गई… पत्रिका टीम ने उसे सुभाष उद्यान में गेट पर तैनात होमगार्ड पंकज, अनुज एवं विद्या आलवानी को सुपुर्द किया। बाद में वे उसे कोतवाली थाने लेकर रवाना हो गए।

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