तीनों सीटें अपने पास रखना भाजपा के लिए चुनौती

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जयपुर
गुजरात व हिमाचल चुनाव के बाद अब राजस्थान में चुनावी हलचल है। यहां अजमेर, अलवर लोकसभा सीटों तथा मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव होने हैं। चुनाव प्रक्रिया बुधवार को शुरू हो गई हालांकि पहले दिन किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 10 जनवरी है। तीनों सीटों पर 29 जनवरी को वोटिंग होगी तो मतों की गिनती एक फरवरी को होगी। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल इसको लेकर एक्टिव हैं। कांग्रेस अलवर में पूर्व सांसद करण सिंह यादव को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। भीलवाड़ा के मांडलगढ़ विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार का नाम तय करने के लिए एआईसीसी की बैठक शाम को नई दिल्ली में हुई। बैठक में किसी का नाम तय नहीं किया जा सका। माना जा रहा है कि कांग्रेस भाजपा के अजमेर व मांडलगढ़ सीट के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने का इंतजार कर रही है। भाजपा के उम्मीदवार घोषित करने के बाद ही कांग्रेस अपने पत्ते खोलेगी। राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई एआईसीसी की बैठक में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी सहित कई नेता शामिल हुए। कहा जा रहा है कि कांग्रेस एक दो दिन में अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। विवेक धाकड़, पूर्व विधायक प्रदीप कुमार सिंह, मोहन मालवीय और पूर्व सीएम शिवचरण माथुर की बेटी वंदना माथुर टिकट मांग रहे हैँ। विवेक धाकड़ ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर यहां से 2013 का चुनाव लड़ा था। वे भाजपा की कीर्ति कुमारी से 18,540 मतों से चुनाव हार गए थे। धाकड़ को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि वे राज्य कांग्रेस के एक बड़े नेता के करीबी हैं, लेकिन जिला कांग्रेस में उनके विरोधी भी ताल ठोक रहे हैँ।
मांडलगढ़ कांग्रेस का गढ़ रहा है। भाजपा ने यहां से केवल दो बार ही जीत दर्ज की है, 1995 और 2013 में। पूर्व सीएम शिवचरण माथुर ने 1972 से 2003 तक इस विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। जहां तक अजमेर लोकसभा सीट की बात है तो कांग्रेस यहां ज्यादा ही सावधानी बरत रही है। यहां पहले सचिन पायलट इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पार्टी यह देखकर उम्मीदवार तय करेगी कि भाजपा किसे चुनाव मैदान में उतारती है। हालांकि इसके लिए केकड़ी के पूर्व विधायक रघु शर्मा, पूर्व जिला प्रमुख रामस्वरूप चौधरी का नाम भी चल रहा है। वहीं भाजपा में भी बैठकों का दौर जारी है। सीएम वसुंधरा राजे ने बुधवार शाम को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। वे संगठन सचिव रामलाल से भी मिलेंगी। इसके बाद ही उम्मीदवारों के नाम तय होंगे। भाजपा पिछले सप्ताह जीतने वालों के नाम तय कर पार्टी नेतृत्व को भेज चुकी है। इसमें अजमेर से रामस्वरूप लांबा, अलवर से जसवंत सिंह यादव और मांडलगढ़ से शक्ति सिंह हाडा का नाम है। दिल्ली रवाना होने से पहले राजे ने संबंधित जिला प्रभारी मंत्रियों के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार जैसे ही नाम तय होंगे प्रभारी मंत्री उपचुनाव वाले अपने-अपने जिलों में सक्रिय हो जाएंगे। चूंकि ये तीनों ही सीटें भाजपा के पास हैं इसलिए भाजपा को इन्हें अपने पास बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी है। प्रदेश में तीन सीटों पर पिछले आम चुनावों की तुलना में भारी संख्या में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इनमें अजमेर लोकसभा क्षेत्र में एक लाख 60 हजार, अलवर लोकसभा क्षेत्र में करीब दो लाख और मांडलगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 31 हजार से अधिक मतदाता बढ़े हैं। तीनों निर्वाचन क्षेत्रों की मंगलवार को प्रकाशित मतदाता सूचियों की पिछले आम चुनाव से तुलना के बाद यह आंकड़े सामने आए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने मतदाता सूचियों के प्रकाशन की जानकारी दी। इस बीच बुधवार को उपचुनाव की अधिसूचना जारी करने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई।
वर्तमान में यहां 18 लाख 40 हजार 686 मतदाता हैं। इसमें 9 लाख 61 हजार 300 पुरुष व 8 लाख 99 हजार 386 महिला मतदाता हैं। जबकि, लोकसभा चुनाव-2014 में 16 लाख 80 हजार 131 मतदाता थे, इनमें 8 लाख 67 हजार 369 पुरुष व 8 लाख 12 हजार 762 महिला मतदाता हैं। इस लिहाज से पिछले चार साल में यहां एक लाख 60 हजार 555 मतदाता बढ़े हैं। प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार यहां 18 लाख 18 हजार 578 मतदाता होंगे। इनमें 9 लाख 61 हजार 653 पुरुष व 8 लाख 56 हजार 925 महिला मतदाता हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के समय 16 लाख 17 हजार 377 मतदाता थे। इस तरह यहां दो लाख एक हजार दो सौ एक मतदाता बढ़े हैं। निर्वाचन क्षेत्र में 2 लाख 31 हजार 218 मतदाता होंगे। इनमें एक लाख 17 हजार 651 पुरुष एवं एक लाख 13 हजार 567 महिला मतदाता हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान यहां एक लाख 99 हजार 275 मतदाता थे। इस लिहाज से करीब 31 हजार 943 मतदाता बढ़े हैं। प्रदेश की अजमेर एवं अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर 29 जनवरी को कराए जाने वाले उपचुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई थी। इसके साथ नामांकन पत्र भरने का कार्य प्रारंभ हो गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने बताया कि तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन पत्र भरने की आखिरी तारीख 10 जनवरी रखी गई है। वहीं, 11 जनवरी को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। नाम वापसी की आखिरी तारीख 15 जनवरी रहेगी। तीनों क्षेत्रों में 29 जनवरी को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। एक फरवरी को मतगणना के बाद नतीजे जारी कर दिए जाएंगे।

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