उत्पन्न हो सकता है नमक का संकट, नमक रिफाइनरियां बंद होने के कगार पर

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जयपुर
राजस्थान में पेटकॉक पर रोक लगने के बाद 20 नमक रिफाइनरियां बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। पिछले कई दशकों से प्रदेश के नांवा,सांभर,गुढ़ा एंव राजास आदि कस्बों में लगी नमक रिफानरियों से दिल्ली,मध्यप्रदेश,बिहार,पश्चिम बंगाल,हरियाणा, ओडिशा,झारखड़ और ओडिशा आदि राज्यों में नमकी की आपूर्ति होती रही है। दरअसल,सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवम्बर को राजस्थान सहित चार राज्यों में पेटकॉक पर रोक लगाई थी। इसके बाद से पेटकॉक पर रोक लगने से नमक रिफाइनरियां धीरे-धरे बंद होने लगी है। पेटकॉक नमक रिफाइनरी में बॉयलर में ईधन के रूप में काम आता है। पेटकॉक बंद करने के बाद नमक रिफाइनरियों में विकल्प के तौर पर यूएस,इंडोनेशिया एवं आस्ट्रेलिया कोक का उपयोग ईधन के तौर पर उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है,लेकिन यह कोक पेटकॉक से करीब 30 प्रतिशत से अधिक महंगा है,साथ ही आपूर्ति भी समय पर नहीं हो पाती। नमक रिफाइनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गट्टाणी का कहना है कि पेटकॉक पर रोक लगाने के बाद अभी तक नई कोई गाइड़ लाइन नहीं मिली,यदि शीघ्र नए निर्देश नहीं मिले तो रिफाइनरियां बंद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के नमक रिफाइनरी संचालकों द्वारा प्रतिमाह करीब 30 मालगाड़यिों में नमक का लदान किया जाता है,यदि प्रदेश में नमक उत्पादन ठप्प होता है तो रेलवे को भी राजस्व का नुकसान होगा। वहीं प्रतिमाह करीब 75 हजार ट्रकों के माध्यम से दूसरे राज्यों में नमक भेजा जाता है। जब नमक का उत्पादन ही बंद हो जागएगा तो ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को भी नुकसान होगा। इसके साथ ही यहां काम में लगे हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा।

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