एसआईटी गठन का भाजपा ने स्वागत किया

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भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े 186 मामलों की विवेचना के लिए एस.आई.टी. बनाये जाने की घोषणा का स्वागत करते हुये कहा है कि इस निर्देश के बाद हम उम्मीद कर सकते हैं कि समयबद्ध तरीके से 1984 के दंगों के पीड़ितों के परिवारों को अब न्याय मिल सकेगा।

सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद कांग्रेस से जुड़े या अन्य नेता जो 1984 के दंगों के अभियुक्त हैं अब राजनीतिक द्वेष का मुद्दा नहीं उठा पायेंगे और विवेचना एवं अभियोजन का कार्य तेजी से हो सकेगा। वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा गठित एस.आई.टी. को राजनीतिक चुनौती देते हुये कांग्रेस के नेताओं ने कहा था कि यह पंजाब एवं दिल्ली में चुनाव को देखते हुये गठित की जा रही है पर आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एस.आई.टी. के गठन ने यह स्थापित कर दिया है कि कांग्रेस शासन में 1984 के दंगों के मामले में केवल लीपा-पोती की गई थी और जानबूझ कर ये 186 मामले बिना विवेचना के बंद किये गये थे।

तिवारी ने कहा है कि केवल वर्तमान केन्द्र सरकार ने ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी ने अपने कार्यकाल में नानावती आयोग का गठन मई, 2000 में और उससे पूर्व दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना ने 1993 में जस्टिस नरूला आयोग का गठन कर 1984 के दंगों की निष्पक्ष जांच का प्रयास किया था। उसके उपरान्त आईं कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक दावपेच कर 1984 के दंगों के मामलों कार्रवाई नहीं होने दी।

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