ट्यूब में पल रहा था भ्रूण की मौत ,महिला की जान बची

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चूरू.
राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों ने बुधवार को एक बड़ा जोखिम उठाते हुए एक 20 वर्ष की गर्भवती महिला की जान बचा ली। महिला रतनगढ़ तहसील के गांव जालेऊ की थी, जिसके पेट में बच्चेदानी की जगह बाहर ट्यूब में भ्रूण पल रहा था। भ्रूण करीब 17 सप्ताह का हो चुका था। जोखिम बढऩे से महिला के पूरे पेट में खून फैल गया और महिला के दर्द शुरू हो गया। उसकी जान का खतरा बढ़ता जा रहा था लेकिन कॉलेज के प्रोफेसरों ने जोखिम उठाया और एक घंटे में सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली। गायनोलॉजिस्ट सहायक प्रोफेसर डा. अनिता सहारण ने बताया कि मंगलवार रात को परिजन महिला को लेकर अस्पताल आए थे। उसे भर्ती कर लिया गया। महिला के पेट में तेज दर्द हो रहा था। 12 घंटे से पेशाब नहीं हो रही थी। लेकिन रात को ही नलकी लगाकर पेशाब खाली करवा दिया और दर्द निरोधक इंजेक्शन लगवा दिया गया फिर भी उसका दर्द कम नहीं हो रहा था। इसके बाद महिला की सोनीग्राफी करवाई गई। सोनोग्राफी रिपोर्ट से पता चला कि महिला की बच्चेदानी के बाहर ट्यूब में बच्चा पल रहा है। जिसे मेडिकल के अनुसार वाइवल प्रेगनेंसी कहा जाता है। प्रेगनेंसी करीब 17 सप्ताह की हो चुकी थी। इसके अलावा महिला के पेट में खून जमा होना बताया गया। अब तक महिला की तबियत काफी गंभीर हो चुकी थी। लेकिन कॉलेज के प्रोफेसरों ने महिला की जिंदगी के खतरे को देखते हुए परिजनों को सारी बात बताकर ऑपरेशन करवाने के लिए तैयार किया। सहायक प्रोफेसर सर्जन डा. जेपी चौधरी ने बताया कि पहले महिला के पेट में फैला करीब 2.5 लीटर खून निकाला गया। इसके बाद ट्यूब का ऑपरेशन किया गया। ट्यूब में करीब 20 सेमी गांठ थी जिसमें भ्रूण पल रहा था जो करीब सवा चार माह का था जिसका वजन करीब 200 ग्राम था। ऑपरेशन के तुरंत बाद ही भ्रूण (बच्चे) की मौत हो गई। लेकिन महिला की जान बचा ली गई। महिला अब बोल भी रही है। हालांकि उसे अभी विशेष निगरानी में रखा गया है।

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