प्रदर्शन में निरंतरता नहीं होना ईशांत शर्मा की प्रमुख समस्या

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मुंबई। भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज राजू कुलकर्णी का मानना है कि अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा काफी अनियमित है जिस कारण वह तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करने में विफल रहे है। मुंबई में अपने पहले टेस्ट में ही ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को अपनी गति और उछाल से हैरान कर देने वाले राजू को उस समय ‘थॉमसन’ का नाम दिया गया था। जेफ थॉमसन 70 और 80 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज रहे हैं, जिनका काफी खौफ रहा था। राजू ने कहा, ‘‘ईशांत शर्मा ने देश के लिए 78 (79) टेस्ट मैच खेले हैं और भारत के लिये 78 टेस्ट मैच खेलना कमाल की बात है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कभी गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व किया है और यह उनकी समस्या रही है।’’ देश के लिए केवल तीन टेस्ट और 10 एकदिवसीय ही खेलन पाने वाले इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘ईशांत बहुत अनियमित है, हर बार वे नई तकनीक, रणनीति के साथ आते है जो उनके लिये भी काफी भ्रामक होता है।’’ ईशांत ने 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट करियर का आगाज करने के बाद 79 टेस्ट मैचों में 226 विकेट लिए है। दिल्ली के इस तेज गेंदबाज ने 80 एकदिवसीय मैच में 115 विकेट झटके है। कुलकर्णी ने लीजेंड्स क्लब के कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘ पिछले दो सीरीज में उनकी गेंदबाजी का स्तर काफी खराब रहा है, वे परिस्थितियों का सामना ठीक से नहीं कर रहे थे और मुझे लगता है कि हर बार वह कुछ नया करने की कोशिश करते है जिससे वह बहुत अनियमित हो गये है।’’ उन्होंने टीम की मौजूदा तेज गेंदबाजी आक्रमण की तारीफ करते हुये कहा कि उनके साथ फिटनेस चिंता का सबब हो सकती है। कुलकर्णी ने आगे कहा, मौजूदा हालात तेज गेंदबाजी के लिए काफी अच्छे हैं। हमारे पास अच्छे स्रोत हैं पर्याप्त अच्छे गेंदबाज हैं और उनमें काफी हुनर है। मेरे लिए चिंता की बात खिलाडिय़ों की फिटनेस है, कहीं निरंतरता नहीं है। एक टेस्ट या तीन चार टेस्ट में भी हमेशा आपके पास तीन तेज गेंदबाज होते ही हैं लेकिन उसके बाद फिटनेस एक समस्या हो ही जाती है। जो चिंता की बात है। टीम इंडिया में भुवनेस्वर कुमार और बाकी गेंदबाज काफी प्रतिभाशाली है। और उन्होंने केपटाउन टेस्ट में साबित भी किया है। इस तरह के विकेट में किसी भी टीम के लिए वे काफी खतरनाक हो जाते हैं।

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