बिजली छीजत रोकने की प्लानिंग विफल

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एडीएम, एसडीएम और बीडीओ नहीं रोक पाए बिजली छीजत
जोधपुर। बिजली की छीजत को कम करने के लिए सरकार ने पहली बार एडीएम, एसडीएम और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंप कर अनूठा प्रयोग किया जो पूरी तरह से विफल रही है।
सरकार ने जोधपुर डिस्कॉम में बढ़ती छीजत से परेशानी में भेजे प्रस्ताव को मंजूरी देकर जिले के 3 एडीएम, 11 एसडीएम 16 बीडीओ को छीजत कम करने की जिम्मेदारी दे गई, लेकिन कोई एक साल पहले सौपी इस जिम्मेदारी को निभाने में ये अफसर पूरी तरह विफल रहे है। जोधपुर शहर में एडीएम (सिटी) को कचहरी सबस्टेशन का सब्जी मंडी फीडर व एडीएम द्वितीय को ईएसआई कमला नेहरू नगर फीडर की जिम्मेदारी सौंपी। एडीएस तृतीय को पिचियाक के फीडर की जिम्मेदारी सौंपी, इसी प्रकार जोधपुर जिले के 11 एसडीएम व 16 बीडीओ को अपन-अपने क्षेत्र में फीडरवार जिम्मेदारी दी थी। इन अधिकारियों को हर सप्ताह मॉनिटरिंग बैठक के निर्देश भी थे, लेकिन ये प्रशासनिक अधिकारी कार्यों में व्यस्त है कि वे बिजली छीजत कम करना ही भूल गए।
अधिकारियों द्वारा प्रयास नहीं किए जाने से जोधपुर जिले में ये काम फैल हो रहा है। ज्ञात रहे कि हाल ही में डिस्कॉम ने फायदे में आने का जश्न मनाया है लेकिन ये कुछ ही क्षेत्रों तक सीमित है। एक माह फायदा तो दूसरे माह घाटा ये ही सिलसिला चल रहा है। जोधपुर शहर वृत जो फायदे में आया लेकिन इसमें भी कुछ क्षेत्रों की वजह से, जबकि शहर परकोटा, बंबा मौहल्ला, बकरा मंडी, महामंदिर, भदवासिया आदि क्षेत्रों में जमकर बिजली चोरी होती है। जिसे रोकने में ये अफसर नाकाम रहे, गांवों में तो 15 फीसदी छीजत लाने का सपना अधूरा ही रहा है आज भी 25 से 30 फीसदी बिजली की छीजत हो रही है। ज्ञातव्य है कि बिजली की छीजत का मतलब यह है कि जो बिजली जीएसएस से उपभोक्ताओं के घर तक जाती है, लेकिन उसकी बिलिंग कम होती है, शेष कम होने वाली बिजली को छीजत की श्रेणी में लिया जाता है। यह छीजत बिजली चोरी तकनीकी कारणों से होती है, अधिकांश इलाकों में बिजली चोरी अधिक होती है। इसे रोकने के प्रयास विफल हो रहे है।
दरअसल अधिकारियों को फीडर छोटे करवाने, बिजली चोरी रोकने, खराब मीटर बदलने, बिजली लाइनों के उपकरण उच्च गुणवत्ता के लगाए जाने का प्रावधान रखा गया था। जिससे उन्होंने जाकर डिस्कॉम से नेटवर्क को भी कभी नहीं देखा।
ग्रामीण एसई बोले-
छीजत कम करने काम व मोनिटरिंग अध्किाारी कर रहे है, काफी सफलता भी मिली है
एम.एस. मेघवाल, ग्रामीण एस.ई

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