7 लोगों को ले जा रहा ONGC का हेलीकॉप्टर हुआ हादसे का शिकार, 3 के शव मिले

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मुंबई
ओएनजीसी कर्मियों को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर समुद्र में गिर गया है। मुंबई से 35 किलोमीटर की दूरी पर यह हादसा हुआ। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में 7 लोग सवार थे। जिनमें से 3 का शव बरामद कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक हादसे का शिकार हुआ हेलीकॉप्टर पवनहंस कंपनी का था। ओएनजीसी ने अपने कर्मचारियों को ले जाने के लिए यह हेलीकॉप्टर बुक करवाया था। इस हेलीकॉप्टर ने मुंबई के जुहू एयरपोर्ट से सुबह साढे 10 बजे ओएनजीसी के रिग (तेल के कुएं) के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन, कुछ देर बाद ही इसका एटीसी से संपर्क टूट गया। हेलीकॉप्टर के लापता होने के बाद हडकंप मच गया। इस हेलीकॉप्टर में ओएनजीसी के पांच कर्मचारी और दो पायलट सवार थे। यह हेलीकॉप्टर करीब सात साल पुराना बताया जा रहा है. ओएनजीसी ने संपर्क नहीं होने पर इमरजेंसी कॉलिंग के जरिए इंडियन कोस्ट गार्ड (भारतीय तट रक्षक) और नेवी (नौसेना) को सूचना दी। इसके बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। सर्च के लिए नेवी के दो डोजियर (हेलीकॉप्टर) और दो जहाजों को लगाया गया। दोपहर बाद हेलीकॉप्टर के बारे में जानकारी आई कि यह समुद्र में गिर गया है। हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोगों के मरने की आशंका जताई जा रहा है। अभी 3 का शव बरामद कर लिया गया है। फिलहाल, सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन से इस हादसे पर बातचीत की है।
हेलिकॉप्टर को 10 बजकर 58 मिनट पर लैंड करना था। सूत्रों के मुताबिक सुबह 10 बजकर 30 पर एटीसी और हेलिकॉप्टर के बीच संपर्क टूट गया। इस हेलिकॉप्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर वीटी-पीडब्ल्यूए है। हेलिकॉप्टर पर सवार 7 में से 5 लोग ओएनजीसी के कर्मचारी और दो पायलट थे। ये कर्मचारी काम पर जा रहे थे। इस बीच पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने हादसे के संबंध में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से बात की है ताकि बचाव अभियान को तेज किया जा सके। नौसेना ने बताया कि उसने हेलिकॉप्टर की तलाश के लिए अपनी स्टील्थ पनडुब्बी आईएनएस टेग तैनात की है। साथ ही टोही विमान पी8आई को भी खोज के लिए लगाया गया है। तटरक्षक ने बताया कि उसने समुद्र में मौजूद जहाजों के मार्ग में बदलाव किया है और मुंबई में लंगर डाले जहाजों को भी अन्यत्र भेजा है। बता दें, समुद्र में ओएनजीसी के ऑयल फील्ड तक कर्मचारियों को ले जाए जाने के दौरान पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2003 में भी एक हेलिकॉप्टर अरब सागर में हादसे का शिकार हो गया था। इसमें ओएनजीसी के 23 कर्मचारी मारे गए थे। ऑयल फील्ड में ओएनजीसी ने अपने सैंकड़ों कर्मचारियों को तैनात कर रखा है। उन्हें ले जाने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाता है।

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