जेडीए का रैलिंग घोटाला, बिना सत्यापन के इंजिनियरों ने कर दिया भुगतान

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जोधपुर। जोधपुर विकास प्राधिकरणके अधीन सौन्दर्यकरण को लेकर बारहवीं रोड चौराहे से लेकर दल्ले खां चक्की तक लगी रैलिंग में बिना सत्यापन के ही ठेकेदार को लाखों का भुगतान कर दिया गया। करीब 300 जालिया लगी ही नहीं और ही नहीं और कागजों में उसे बताकर भुगतान कर देने के मामले में जेडीए के आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। इस मामले को अभी तक दबाकर रखा गया है। जबकि अन्य मामले तुरंत एसीबी को देने की पहल जेडीए करता रहा है।
जेडीए कीओर से मुख्य पाल रोड पर 12वीं रोड चौराहे से दल्ले खां की चक्की तक रैलिंग, प्लास्टर एवं कर्टन स्टोन का कार्य वर्क ऑर्डर संख्या एफ 38 (124)/12-13 के तहत 12वीं रोड चौराहे से दल्ले खां की चक्की तक कुल 600 रैलिंग लगाने की ही पुष्टि हो रही है लेकिन इसके विरुद्ध 900 जालियों का भुगतान कैसे कर दिया गया। भंवरलाल वैष्णव नामक व्यक्ति द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गयी सूचना में ये बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि वैसे तो ये कार्य 12वीं रोड चौराहे से दल्ले खां चक्की तक ही होना था। जिसमें कर्व स्टोन, रैलिंग का कार्य करवाया जाना था लेकिन ये कार्य दल्ले खां की चक्की से डीपीएस चौराहे से होते हुए बोरानाडा तक करवाया गया। साथ ही इस कार्य में एमबी में ऐसे फीते का उल्लेख किया गया जो होता ही नहीं है। इस कार्य की एमबी से 750 मीटर, 540 मीटर के फीते की डिटेल डाली हुई है जो कि दस्तावेजों में स्पष्ट दिखाई दे रही है जबकि फीते की लम्बाई तो 30 मीटर ही होती है वही नाप भी 30 मीटर के हिसाब से ही लिखा जाता है।
पता तो ये भी चला है कि इस कार्य में मिट्टी कार्य का भी अधिक भुगतान उठा लिया गया। मजे की बात ये है कि किसी भी ठेकेदार को भुगतान से पूर्व संबंधित इंजिनियर सत्यापन रिपोर्ट तैयार करता है। ये रिपोर्ट बिना सत्यापन के ही तैयार कर दी गयी और 600 रैलिंग का काम होने पर 900 रैलिंग का लाखों रुपयों का भुगतान ठेकेदार को करते हुए जबरदस्त बंदरबांट कर दी गयी।
टेक्नीकल डायरेक्टर बोले-
मेरी नजर में ऐसा मामला नहीं आया है। इस मामले की फाईल देखकर ही बता पाऊंगा-
एम.के. मीणा, टेक्नीकल डायरेक्टर जेडीए

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