डीजिटल इंडिया के सपने को चूर-चूर करने में लगी गैस एजेंसियां

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आन लॉइन बुकिंग पर रोड़ा अटका रही एजेंसियां
पंकज दाधिच
जोधपुर। एक ओर प्रधानमंत्री देश को डिजिटलाइजेशन से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे है। तो वहीं दूसरी ओर प्राइवेट एजेंसिया इस सपने को साकार होने में रोड़े अटका रही है। मसलन गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर देश में एप सिस्टम से आन लाइन बुकिंग की प्रक्रिया है, जिसमे गैस एजेंसी मालिकों द्वारा इस एप के माध्यम से बुकिंग करने को लेकर आमजन को मना किया जा रहा है। जिसमे लोगों को परेशाानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है, जिसमे गैस एजेंसी मालिक द्वारा उपभोक्ता को ऑन लाइन बुकिंग नहीं करवाने की बात कहते हुए उपभोक्ता का खाता सीज कर दिया गया। जिसके बाद उपभोक्ता ने इसकी शिकायत ऑन लाइन संबंधित साईट पर की गई। इसके बाद उपभोक्ता ने उक्त शिकायत परिक्रमा को भी दी। जिस पर एचपीसीएल अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने उक्त एजेंसी से बात करने की बात कही है।
यह है मामला
एचपीसीएल के उपभोक्ता प्राणनाथ शर्मा, कमलेश दाधीच, राजेश शर्मा व अन्य ने बताया कि उनकी ओर से एचपी के गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए ऑन लाईन बुकिंग क्षेत्र की गैस एजेंसी त्रिवेणी गैस के लिए करवाई गई। जिसमे उक्त बुकिंग पर उपभोक्ताओं के पैसे ऑन लाइन भुगतान कर दिया गया। मगर एजेंसी के खाते में उक्त राशि जमा नहीं होने पर सिलेंडर सप्लाई रोक दी गई। जिसकों लेकर उपभोक्ता ने उक्त बुकिंग के लिए आन लाइन शिकायत भी की गई। जिसके बाद उपभोक्ता को सिलेंडर सप्लाई तो कर दी गई लेकिन एजेंसी ने उपभोक्ता के उक्त खाते को अन प्रासेसिंग में डाल दिया गया। जिसके कारण उपभोक्ता अब आगे की बुकिंग नहीं करवा पायेगा।
ऐसा इसलिए करती है एजेंसिया
गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं को ऑन लाइन बुकिंग के लिए इसलिए रोका जा रहा है। क्योकि आन लाइन बुकिंग को ट्रांजेक्शन बतौर उन्हें ऑन लाइन खातों पर वर्किंग करनी पड़ती है। इसके साथ ही सिलेंडर सप्लाई करने वाले हॉकरों को खुले पैसों की इन्कम भी बंद हो जाती है। इसके कारण गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को ऑन लाइन बुकिंग करने से रोका जा रहा है।
यह कहना है
अधिकारी का
नहीं ऐसा नही है, मै पता करवाता हॅंू, उपभोक्ताओं को परेशानी आ रही है, तो उसके लिए एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा।
हरीश गुप्ता, एरिया इंस्पेक्टर, एचपीसीएल, जोधपुर।

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