धोनी की कीपिंग स्टाइल पर रिसर्च करना चाहते हैं टीम इंडिया के फील्डिंग कोच

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पोर्ट एलिजाबेथ। महेंद्र सिंह धोनी की कीपिंग स्टाइल उनके लिए कारगर है। यह कहना है भारतीय क्रिकेट टीम के क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर का। धोनी ट्रेनिंग के दौरान ज्यादा कीपिंग ड्रिल नहीं करते हैं, लेकिन यह देखकर अच्छा लगता है कि तब भी वह स्टंपिंग और रन आउट में माहिर हैं। श्रीधर ने कहा कि धोनी का अपना खुद का स्टाइल है, जो उन पर काफी कारगर है। मुझे लगता है कि हम उनकी कीपिंग स्टाइल पर रिसर्च कर सकते हैं। मैं इसको सही कहूं तो माही-वे कहूंगा। उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता और कई ऐसी चीजें भी जो एक युवा विकेटकीपर नहीं कर पाता है। वह अपने ही स्टाइल में शानदार हैं और ऐसे ही क्रिकेटर को अपने स्टाइल में माहिर होना चाहिए। धोनी ने अपने वनडे करियर में 295 कैच और 106 स्टंपिंग की हैं। वह स्पिनरों के लिए सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं। उनके पास स्टंपिंग करने के लिए गति है। यह कुछ ऐसा है जो उनको अलग करता है। ऐसे में जिनके पास स्किल नहीं है, उनको उस स्तर पर पहुंचने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। श्रीधर ने मध्यक्रम के बारे में कहा कि वह यहां पर बल्लेबाजों की फॉर्म को लेकर टीम थोड़ा परेशान है, लेकिन विराट कोहली और शिखर धवन ने उनकी भरपाई की है। बल्लेबाजों को अपनी भूमिका अच्छे से निभानी होगी। हमें और ज्यादा मैच खत्म करने वाले खिलाडिय़ों की जरूरत है। हमें 5, 6, 7 नंबर पर ऐसे खिलाडिय़ों की जरूरत है जो स्थिति को समझते हुए खेल खेले इसीलिए हम लोग लगातार स्थान बदल रहे हैं। हमें विश्व कप तक इन तीन स्थानों को भरने की जरूरत है। मौजूदा दौरे पर अबतक भारतीय फील्डिंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है और श्रीधर ने माना कि चौथे वनडे में कोहली एंड कंपनी का प्रदर्शन लचर था। श्रीधर ने कहा, ‘पिछले मैच में हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। एक कैच छूटा, श्रेयस अय्यर शानदार फील्डर हैं, उन्होंने बेहतरीन प्रयास किया। यह ग्रेड वन का कैच नहीं था। लेकिन कभी कभी अपने और अपने खिलाडिय़ों के ऊपर सख्त होना आसान होता है। यह सबसे आसान काम है। लेकिन अगर आप देखो तो यह मुश्किल कैच था।’

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