कायलाना पहाड़ी पर बन रहे अवैध मकान, जिम्मेदार बेखबर

0
36

जेडीए, निगम और प्रशासन मौन, डूंगरिया महादेव मंदिर न्यास अध्यक्ष ने उठाया मामला
जोधपुर। सैकड़ों सालों से तपो भूमि रही कायलाना पहाडिय़ा पर भूतस्करों के कदम तेजी से बढ़ते जा रहे है। अवैध रूप से पहाड़ी को समतल करते हुए यहां मकान बनाने के साथ कई जगह पट्टीयां लगाकर लाइनिंग कर ली गयी है। जबकि नगर निगम, जेडीए व जिला प्रशासन इसको लेकर बेखबर है। जबकि इस पूरे इलाके में वर्ष 2008 से तत्कालीन नगर सुधार न्यास ने डूंगरिया मंदिर न्यास समिति को गोद देकर विकसित करने को कहा था। इस पहाड़ी का राजस्व आंकड़ों में खसरा संख्या 268 अंकित है और यह सरकारी जमीन है।
कायलाना की पहाडिय़ां 250 साल से संतों की तपोभूमि रही है। यहां बड़े-बड़े ऋषि स्वामियों ने उस समय तपस्या की थी, जब यहां शेर व चीतों का रहवास था। यहां पुरानी ऐतिहासिक छतरियां भी है। यहां अब अवैध रूप से मकान बनने लगे है और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।
सूरसागर रोड तक कायलाना की सुरम्य पहाडिय़ों पर अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है। यहां कई कच्चे-पक्के निर्माण हो रहे है, जिसकी शिकायत जेडीए, निगम व जिला प्रशासन को करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने सें विकसित श्री मनोकामेश्वर महादेव (डूंगरिया) मंदिर परिसर के आसपास बीते कुछ महीनों में तेजी से अतिक्रमण हो रहे है। कारण मंदिर परिसर का करोड़ों रुपए से विकास होने के बोद आसपास का इलाका बेशकीमती हो गया है। मंदिर के पीछे पहाड़ी पर भूतस्कारों ने बाकायदा मकान निर्माण कर लिए व दर्जनों प्लाट की मार्किंग तक कर ली है। जबकि यहां सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास ने अपने कोश से दीवार का निर्माण तक करवाया है। इसको लेकर डूंगरिया महादेव मंदिर की समिति के एक पत्र निगम, जेडीए व जिला कलेक्टर को देकर भूतस्कारों के बढ़ते कदमों की जानकारी दी है। और बताया है कि पहाड़ी पर अतिक्रमण के लिए डंडे रोप कर लोगों ने खुद ही मार्किंग करवा दी है जो कि विधायक कोष से बनी दीवार के ठीक पीछे किया गया है। इस पर नगर निगम ने तो अपने उपायुक्त की टीम भेजकर रिपोर्ट मांगी है।
मंदिर न्यास ने इस स्थान को गोद लेने के बाद जनसहयोग से व सरकारी सहायता से कई विकास कार्य करवाए है जिसमें आलीशान महादेव मंदिर, कम्युनिटी हॉल, बगीचे, सडक़ो का निर्माण, रोड लाइट, चार दीवारी आदि का निर्माण शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सघन पौधारोपण करवाया गया। जिसमें पूरा क्षेत्र हराभरा हो गया है। यहां तालाब का जीर्णोद्वार करवाने व जल संरक्षण कार्य करने ये रमणीक स्थान बन चुका है।
न्यास अध्यक्ष की कलेक्टर से अपील
हमने एक लिखित शिकायत यहां हो रहे अवैध निर्माण की जिला कलेक्टर डॉ. सुरपुरा से की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सोहन भूतड़ा, न्यास अध्यक्ष, डूंगरिया मंदिर

LEAVE A REPLY