आधे शहर में दूषित पानी की सप्लाई, जर्जर सीवरेज लाइन बन रही कारण

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जलजनित रोगों के चपेट में आ रहे लोग, अस्पतालों में बढ़ रही रोगियों की संख्या
जोधपुर। आधे से ज्यादा जोधपुर शहर में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इस दूषित पानी के कारण कई लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे है जिससे सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में इन रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जलदाय विभाग भी इस बात को मान रहा है कि जोधपुर शहर के कई हिस्सों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है और इसका कारण नगर निगम की सीवरेज लाइन का क्षतिग्रस्त या जर्जर होना है। पिछले दिनों जलदाय विभाग की एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें बताया गया था कि गत दो सालों में शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब सात महीने तक दूषित पानी की सप्लाई हुई थी और अभी भी हो रही है। इस दूषित पानी के कारण कई लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे है। रिपोर्ट के अनुसार दो साल में शहर में 1460 इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति हुई थी। इससे सैकड़ों लोगों को पीलिया व उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल जाना पड़ा। इस संबंध में लोगों ने पानी के दूषित होने सहित अन्य समस्याओं को लेकर विभागीय कार्यालय और अन्य जगहों पर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। हालांकि विभाग ने कई स्थानों पर दूषित पानी की समस्या का समाधान भी किया लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
इन क्षेत्रों में हो रही सप्लाई
माता का थान, बासनी तम्बोलिया, माणक चौक, खांडाफलसा, कबूतरों का चौक, भील बस्ती, अमर नगर, गणेश नगर, डिगाड़ी, नांदड़ी, बासनी, केके कॉलोनी, मदेरणा कॉलोनी, राजीव गांधी कॉलोनी, शिकारगढ़, नाथावतों का चौक सहित आसपास के इलाकों में दूषित पानी के कारण रोगी सामने आ रहे है। इसके अलावा शहर के आसपास के इलाकों में भी दूषित पानी की शिकायतें आई है।
बीमारियों की चपेट में शहरवासी
दूषित पानी की चपेट में आने से शहरवासी पेट दर्द, सिरदर्द, खुजली, पीलिया, आंखों में कमजोरी, उल्टी-दस्त आदि बीमारियों का शिकार हो रहे है और इनसे पीडि़त होकर शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में पहुंच रहे है। डॉक्टरों का भी कहना है कि दूषित पानी के कारण यह बीमारियां लग रही है। चिकित्सक उबला हुआ और मिनरल पानी पीने की सलाह दे रहे है।
जर्जर सीवरेज से पानी दूषित
रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि निगम की सीवरेज लाइन के चलते पानी दूषित हो रहा है। इस बारे में सम्बन्धित अधिकारियों को बताया लेकिन खास कार्यवाही नहीं हुई। गत वर्ष मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जलदाय विभाग के मुख्यालय के एक मुख्य अभियंता को दूषित जलापूर्ति मामलों की जांच के लिए भेजा था। इस दौरान कायलाना से सप्लाई होने वाले पानी के नमूनों की भी जांच की। इसमें सभी नमूने मानक स्तर पर खरे उतरे। बाद में नमूने जयपुर भी भेजे गए। इसमें यह सामने आया कि सीवरेज लाइनों की गन्दगी पेयजल लाइनों में प्रवेश करने से दूषित जलापूर्ति हो रही है।

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