केकेआर के लिए आसान नहीं होगा दिल्ली डेयर डेविल्स से मुकाबला

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कोलकाता। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल में) सोमवार को दिल्ली डेयर डेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच है। इस मैच में केकेआर जहां जीत के साथ टूर्नमेंट में वापसी के लिए बेताब है, वहीं दिल्ली की कोशिश जीत के क्रम को बरकरार रखने की होगी। कोलकाता ने इस सीजन में जीत के साथ शुरुआत तो की थी, लेकिन अब तक लय हासिल नहीं कर पाई है। वहीं, गंभीर की टीम शुरुआती हारों के बाद मिली जीत के क्रम को बरकरार रखना चाहेगी। गंभीर के लिए यह मैच इसलिए भी खास है क्योंकि 2 बार केकेआर को विजेता बना चुके गौतम गंभीर दिल्ली की जर्सी में ईडन गार्डंस पर कोलकाता के खिलाफ खेलेंगे। दिल्ली डेयर डेविल्स के लिए एक चुनौती अपने घरेलू मैदान से दूर होने की भी है। वहीं, कोलकाता को घरेलू मैदान का फायदा मिल सकता है। गौतम गंभीर के पास एक मजबूत बोलिंग लाइनअप वाली टीम है, लेकिन बैटिंग में दिल्ली अब तक बड़ा कमाल नहीं कर पाई है। घरेलू मैदान होने के कारण केकेआर की टीम के पास एक प्लस पॉइंट जरूर है, लेकिन मैच जीतने के लिए इसे काफी नहीं माना जा सकता।
कोलकाता अपने दो मैच हार चुकी है और उसके खाते में फिलहाल एक ही जीत है। केकेआर की टीम को अगर लीग में आगे बढ़ना है तो पांचवे नंबर से आगे आने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दिनेश कार्तिक की बैटिंग अब तक ठीक रही है, लेकिन कप्तानी पारी के लिहाज से उन्हें उपयोगी पारी खेलनी होगी। कार्तिक के अलावा सुनील नरेन ही ऐसे हैं जिन्होंने तेज रन बनाए हैं। कोलकाता की ताकत है उसके पास कई उपयोगी ऑलराउंडर हैं। बल्लेबाजों में क्रिस लिन और आंद्रे रसेल के साथ नीतीश राणा भी हैं। जरूरत पड़ने पर राणा, सुनील और रसेल टीम के लिए बोलिंग भी करते हैं। दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत उनका कप्तान यानी गौतम गंभीर हैं। गंभीर मुंबई के खिलाफ ज्यादा रन नहीं बना पाए, लेकिन वह आईपीएल जैसे टूर्नमेंट के लिए खतरनाक बैट्समैन हैं। उनके साथ कॉलिन मुनरो और जेसन रॉय भी हैं। मुनरो का फॉर्म गंभीर के लिए चिंता की वजह है। न्यूजीलैंड का यह बल्लेबाज अब तक आईपीएल में अपनी छाप नहीं छोड़ सका है। दिल्ली के पास ऋषभ पंत हैं जिन्होंने खुद को साबित भी किया है। संभव है कि गौतम इस मैच में अंडर 19 के कप्तान पृथ्वी शॉ को मौका दें। बोलिंग में उनके पास मोहम्मद शमी, ट्रेंट बोल्ट और अमित मिश्रा हैं। बोल्ट और शमी ने अब तक अच्छी बोलिंग की है।
कोलकाता की सबसे बड़ी चुनौती तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमी है। कोलकाता के पास मिचेल जॉनसन हैं, लेकिन वो अब तक टूर्नमेंट में अपना प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। इसके अलावा स्पिनर पीयूष चावला भी रंग में नहीं दिखे हैं। सनराइजर्स से मिली हार के बाद कप्तान दिनेश कार्तिक ने भी गेंदबाजों के नहीं चलने की बात कही थी। दिल्ली की चिंता बल्लेबाजी है। दिल्ली के पास ऑलराउंडर के विकल्पों का अभाव है। ऐसे में कप्तान गंभीर या कोई और शीर्ष क्रम का बल्लेबाज नहीं चलता है तो मिडल ऑर्डर के बिखरने की संभावना बन जाती है।
कोलकाता नाइट राइडर्स : क्रिस लिन, सुनील नारायण, रॉबिन उथप्पा, नीतीश राणा, दिनेश कार्तिक (कप्तान,विकेटकीपर), शुबमन गिल, आंद्रे रसेल, मिशेल जॉनसन, शिवम मावी, पीयूष चावला, कुलदीप यादव।
दिल्ली डेयरडेविल्स : गौतम गंभीर (कप्तान), डैनियल क्रिश्चियन, जेसन रॉय, ग्लेन मैक्सवेल, शाहबाज नदीम, मोहम्मद शमी, ट्रेंट बोल्ट, विजय शंकर, श्रेयस अय्यर, राहुल तेवतिया, ऋषभ पंत (विकेटकीपर)।

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