मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में स्वामी असीमानंद सहित सभी 5 आरोपी बरी

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नई दिल्ली। एनआईए की विशेष अदालत ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद सहित सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण कोर्ट ने ये फैसला सुनाया. बरी किए गए अन्य पांच आरोपियों के नाम देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नबा कुमार सरकार, भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भारत भाई और राजेंद्र चौधरी हैं.फैसले के मद्देनजर हैदराबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हैदराबाद की प्रसिद्ध मक्का मस्जिद में 11 साल पहले शक्तिशाली पाइप बम से धमाका किया गया था। जुमे की नमाज के दिन 18 मई 2007 को हुए ब्लास्ट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल भी हुए थे। ब्लास्ट के बाद मस्जिद में तीन बम और मिले थे, जिनमें से एक दीवार के पास और दो वजुखाने के पास मिले थे. घटना से आक्रोशित लोगों ने विरोध में प्रदर्शन किया था. इस दौरान पुलिस को स्थिति काबू में लेने के लिए फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें पांच लोग मारे गए थे.
एनआईए मामलों की चतुर्थ अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन सत्र सह विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली थी और आज सभी आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया। स्थानीय पुलिस की शुरुआती छानबीन के बाद मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोपपत्र भी दाखिल किया। इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया। फैसला आने के बाद एनआईए की ओर से कहा गया कि कोर्ट के फैसले की कॉपी मिलने के बाद वे आगे की कार्रवाई तय करेंगे.
असीमानंद सहित पांच आरोपियों को बरी किए जाने को लेकर गृहमंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आर वी एस मणि ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि, मामले में झूठे सबूत पेश किए गए थे. ब्लास्ट के इस केस में हिंदू टेरर का कोई एंगल नहीं था. उन्होंने शिवराज पाटिल और चिदंबरम पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने हिंदू आतंकवाद का झूठ फैलाया था. उन्होंने कहा कि इन दोनों को अब देश से माफी मांगनी चाहिए.

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