मेहरानगढ़ दुखांतिका मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर संशय

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गृह सचिव ने हाईकोर्ट में कहा- चौपड़ा आयोग की रिपोर्ट सरकार सावर्जनिक करें या नहीं, यह उस पर निर्भर

जोधपुर। मेहरानगढ़ दुर्ग दुखांतिका मामले में सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान गृह सचिव की ओर से जवाब पेश किया गया। उन्होंने कहा कि जस्टिस जसराज चौपड़ा की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट सरकार सार्वजनिक करें या नहीं, यह उस पर निर्भर है। आयोग की सिफारिशों का अध्ययन करने के लिए गृहमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय सब कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी तय करेगी कि आयोग की अनुशंषाओं में से किसे लागू किया जाना चाहिए और किसकी पालना करवानी है। जवाब में बताया कि जस्टिस चौपड़ा के सुझाव के आधार पर देशभर के 100 में से 46 मेला प्राधिकरणों ने रिजस्टे्रशन करवाकर मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं पर अमल करना शुरू कर दिया है। न्यायाधीश संगीतराज लोढ़ा व विरेन्द्र कुमार माथुर की खंडपीठ ने उक्त मामले में कोर्ट में आए गृह सचिव संदीप चौहान की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पीआर सिंह से इस दुखांतिका मामले के लिए गठित जांच आयोग की रिपोर्ट पर जवाब पेश किया। गौरतलब है कि न्यायालय ने उक्त रिपोर्ट के संबंध में क्या कार्यवाही हुई तथा विधानसभा में रिपोर्ट सुपुर्दगी के बारे में राज्य सरकार से जवाब मांगा गया था।
एएजी पीआर सिंह ने उक्त मामले में जवाब प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया कि यह जरूरी नहीं कि हर जांच आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएं। रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए या नहीं, यह भी सरकार का ही क्षेत्राधिकार है, लेकिन यह जरूरी है कि रिकंमडेशन की बातों को समझा जाएं व परखा जाना जरूरी है और आवश्कता होने पर उन्हें लागू किया जाना जरूरी है। आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन कर उसमें किस अनुषंसा पर अमल करना या नहीं यह फैसला गठित सब कमेटी करेगी। गृहमंत्री की अध्यक्षता वाली सब कमेटी में दो मंत्री भी शामिल किए गए है। एएजी द्वारा डीटेल जवाब हाईकोर्ट खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिसे हाईकोर्ट ने रेकार्ड पर लिया गया है। जिस पर अपोजिट काउंसिल ने समय की मांग की गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।

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