सीने में दर्द दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

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सीने में दर्द होना डरावनी समस्या है, लोगों को अक्सर लगता है कि कहीं उन्हें ह्दय का कोई रोग तो नहीं हो गया है। सीने में दर्द होना सिर्फ हार्टअटैक को नहीं दर्शाता है बल्कि आपको संकेत देता है कि अपने आहार में परिवर्तन लाने का समय आ गया है। भोजन में अधिक वसायुक्त या पोषणरहित सामग्रियों का सेवन करने से भी सीने में दर्द और जलन हो सकती है। लेकिन सबसे पहले चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। हार्टअटैक न होने की दशा में नीचे बताये जाने वाल कुछ स्पेशल फूड का सेवन करें, ताकि आपको फिर कभी सीने का दर्द न झेलना पड़े। इन सभी सामग्रियों में आयुर्वेदिक गुणों की भरमार है जो शरीर को सिर्फ लाभ ही पहुँचाते हैं, इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
1. लहसुन : लहसुन में कई आयुर्वेदिक गुण होते हैं जो सीने में जलन, दर्द, एसिड बनने की समस्या, कफ, बलगम आदि को दूर कर देते हैं। प्रतिदिन सुबह उठकर लहसुन की एक कली का सेवन करने में सीने में होने वाली जलन और दर्द समाप्त हो जाती है।
2. हल्दी : हल्दी में कई जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो कई प्रकार के रोगों को सही करने में फायदेमंद होती है। सीने में दर्द या ह्दय सम्बंधी कोई समस्या होने पर हल्दी का सेवन लाभ पहुँचाता है। इसे भोजन में मसाले के तौर पर इस्तेमाल करें या दूध में डालकर पिएं।
3. मुलेठी : मुलेठी एक प्रकार की बूटी होती है जिसमें गले में खराश होने पर अक्सर चूसा जाता है। इससे चूसने से निकलने वाला रस, छाती में आराम पहुँचाता है साथ ही पाचन क्रिया सम्बंधी समस्या को भी दूर करता है। आयुर्वेद में इस बूटी को विशेष स्थान दिया गया है और कई प्रकार की दवाओं को बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
4. मेथी के दाने : मेथी के दानों को एक रात के लिए पानी में भिगो दें। सुबह उठकर मेथी के दानों को निथार लें और उस पानी को पी जाएं। इससे सीने में होने वाली जलन या दर्द शांत हो जाएगा। यह पेय, बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर देता है।
5. तुलसी : तुलसी के गुणों से हर कोई परिचित है। इसमें ह्दय को दुरूस्त और स्वस्थ बनाएं रखने का गुण भी होता है। तुलसी के 5 दलों का सेवन हर सुबह करने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा अच्छी हो जाती है, रक्त का संचार भी भली-भांति होता है। सर्दी या जकडऩ होने पर भी यह काफी फायदा करती है।

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