तरुण परिहार की जलने से मौत का मामला: परिजनों का आरोप- हत्या हुई, पुलिस नहीं कर रही निष्पक्ष जांच

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माली समाज के लोगों ने निकाली रैली, ज्ञापन सौंपा
जोधपुर। मंडोर थानान्तर्गत आंगणवा इलाके में गत छह अगस्त को सुबह जिंदा जलते हुए मिले आरसीसी ठेकेदार तरुण परिहार की मौत की गुत्थी अभी तब सुलझ नहीं पाई है। पुलिस की जांच आत्महत्या पर आकर रूक गई है जबकि परिजनों का आरोप है कि यह हत्या है और पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। मृतक के परिजनों और माली समाज के लोगों ने मंगलवार को रैली निकालकर मामले में निष्पक्ष जांच और हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने इस संबंध में पुलिस आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा।
दरअसल रामसागर चौराहे के पास रहने वाला तरुण परिहार (23) पुत्र राजेंद्रसिंह गत छह अगस्त को सुबह आंगणवा इलाके में जलती हुई हालत में मिला था। उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। उसके बयान नहीं हो पाए थे। उसके भाई ने इस संबंध में मंडोर पुलिस थाना में हत्या की रिपोर्ट दी थी। घटना के बाद पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, लेकिन हत्या से संबंधित कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। डीसीपी (ईस्ट) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि तरुण के मामले मेेंं मंडोर थानाधिकारी प्रदीप शर्मा के साथ महामंदिर और मथानिया थानाधिकारी के साथ जिला पूर्व की स्पेशल टीम को भी शामिल किया गया। इन टीमों ने सीसी टीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग हासिल करने, तरुण के मोबाइल की कॉल डिटेल सहित अन्य पहलुओं का विश्लेषण किया। इसके बाद जांच आत्महत्या पर आकर अटक रही है। फिलहाल मामले में और अधिक जांच की जा रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग : इधर मृतक के परिजन व माली समाज के लोग इसे हत्या बता रहे है। उन्होंने पुलिस की जांच पर असंतुष्टि जताते हुए प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि तरुण की मौत को पुलिस आत्महत्या बताने की कोशिश कर रही है, जबकि घटनास्थल पर मिले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान सहित अन्य तथ्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस मामले को लेकर मंगलवार को माली समाज के लोगों ने रामसागर तिराहा के पास स्थित मृतक के निवास स्थान से एक वाहन रैली निकाली। इसके बाद पुलिस आयुक्त को अपनी मांग का ज्ञापन सौंपा। माली संस्थान के अध्यक्ष पुखराज सांखला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तरुण के सिर पर गंभीर चोटों के निशान बताए गए थे। मामले में बिना गहन पड़ताल किए आत्महत्या बता देना उचित नहीं है। पुलिस इस साजिश का खुलासा करने में नाकाम रही है। पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देने के बाद कलेक्टर को भी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
अब तक जांच में यह आया सामने : पुलिस की अब तक की पड़ताल में यही सामने आया कि तरुण का बहुत ही कम लोगों से मिलना-जुलना था। उसके पास 4-5 मोबाइल सिमें थी। मेडिकल बोर्ड से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण जलना ही बताया गया है। घटनास्थल पर एक प्लास्टिक के पाइप का टुकड़ा मिला जिसमें पेट्रोल की गंध आ रही थी।
पुलिस पड़ताल में यह भी सामने आया कि तरुण ने घर से निकलने के बाद नयापुरा इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप से अपनी बाइक की टंकी फुल कराई थी। पुलिस को मौके पर मिली तरुण की बाइक की टंकी आधी खाली मिली। परिवारवालों से पूछताछ में यही सामने आया कि तरुण ज्यादातर अपनी ही दुनिया में खोया रहता था। घटना से दो दिन पहले ही सगाई के लिए एक लडक़ी के परिवार वाले भी उसके घर आए थे। बताया जाता है कि इसके बाद तरुण ने अपने घरवालों से खुद का कारोबार जमने के बाद ही शादी या सगाई करने की बात कही थी लेकिन बजरी सप्लाई बंद होने के बाद से ही उसका आरसीसी का काम भी काफी कम हो गया था। घटनास्थल के पास खेत में काम करने वाले लोगों ने भी किसी को आते-जाते नहीं देखा। यही वजह है कि पुलिस को इस मामले में खुदकुशी की संभावना ज्यादा लग रही है।

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