मुझे डीआरएस नहीं लेना चाहिए था : केएल राहुल

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दुबई : एशिया कप के सुपर-4 के मुकाबले में भारत और अफगानिस्तान की टीमों के बीच रोमांच के शिखर पर पहुंचा मुकाबला टाई के रूप में समाप्त हुआ। अफगानिस्तान की ओर से मिले 253 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की पूरी टीम 49.5 ओवर में 252 रन पर ऑलआउट हो गई। इस मैच में भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल का निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस)लेना टीम को महंगा पड़ गया। इस मैच के बाद केएल राहुल ने कहा कि उन्हें खेद है कि उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ एशिया कप मैच में निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का एक मौका गंवा दिया जो महेंद्र सिंह धोनी और दिनेश कार्तिक के विकेट बचा सकता था।
धोनी और काॢतक दोनों को पगबाधा आउट दिया गया और अगर भारत के पास डीआरएस बचा होता तो इन दोनों के खिलाफ अंपायरों को अपने फैसले पलटने पड़ सकते थे।
राहुल (60) ने हालांकि भारत का एकमात्र रिव्यू उपयोग कर दिया था जिसमें उन्हें नाकामी मिली थी। राहुल ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, निश्चित तौर पर लगता है कि मुझे तब डीआरएस नहीं लेना चाहिए था। जब मैं क्रीज पर था तो मुझे लगा कि गेंद बाहर जा रही थी और मैंने तीसरे अंपायर की मदद ले ली। राहुल ने कहा, कई बार आप बाद में समीक्षा प्रणाली की समीक्षा करते हो और तब लगता है कि आप इसे बाद के खिलाडिय़ों के लिये छोड़ सकते थे। राहुल ने कहा कि भविष्य में वह डीआरएस लेने में अधिक सतर्कता बरतेंगे।
भारत पहले ही फाइनल में जगह बना चुका है जो शुक्रवार को होगा। उन्होंने कहा, हमें इससे सीख मिली। जो शॉट मैंने खेला, जो डीआरएस मैंने लिया अगर फिर से ऐसी स्थिति आती है तो मैं यह जानने के लिये बेहतर स्थिति में रहूंगा कि अब क्या करना है। भारत के सामने 253 रन का लक्ष्य था लेकिन उसकी टीम 252 रन पर आउट हो गई और मैच टाई छूट गया। राहुल ने कहा, हम अफगानिस्तान को हल्के से नहीं ले सकते हैं। वह वनडे और टी20 में बेहद प्रतिस्पर्धी टीम है। आप इस तरह के मैचों का हिस्सा बनना चाहते हो जिनमें दोनों टीमें आखिर तक चुनौती पेश करें। हमें खुशी है कि हमने इस तरह का मैच खेला।

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