घर-घर हुई घट स्थापना

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मेहरानगढ़ में लगे माता के जैकारे, पूर्व नरेश गजसिंह ने सपत्निक की मां चामुंडा की पूजा-अर्चना
जोधपुर। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना व आत्मशुद्धि साधना का पर्व शारदीय नवरात्रा बुधवार को घरों व मंदिरों में घट स्थापना के साथ आरंभ हुआ। शारदीय नवरात्र पर अभिजीत काल में घर-घर घट स्थापना की गई। अनेक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई है। बुधवार को पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं ने मेहरानगढ़ स्थित चामुंडा माताजी के दर्शन किए। यहां ब्रह्म मुहूत्र्त में मां चामुंडा के साथ ही अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का जलाभिषेक कर नई पोशाक पहनाई गई। दोपहर में मारवाड़ के पूर्व नरेश गजसिंह ने सपत्निक मां चामुंडा की पूजा अर्चना की। इसके साथ ही शहर में अन्य सभी देवी मंदिरों में भी भीड़ रही। इन मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। यहां पूरे नवरात्रा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहेगी।
मेहरानगढ़ स्थित चामुंडा मंदिर में नवरात्रा के प्रथम दिन बुधवार को अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार आरंभ हो गई। मां चामुंडा मंदिर में बुधवार को पुजारियों की ओर से ब्रह्म मुहूर्त में मां चामुण्डा, मां कालका, मां सरस्वती व बच्छराजजी की मूर्तियों का पवित्र जल से स्नान करवाया गया और लाल रंग की कोर तुर्रियां लगी पोशाक धारण करवाई। प्रात: काल मंदिर के शिखर मुख्य और चारों दिशाओं में छोटी-छोटी ध्वजाएं चढ़ाई गई। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के निदेशक करणीसिंह जसोल ने बताया कि सतवर्ती पाठ का संकल्प और स्थापना के दौरान पूर्व सांसद गजसिंह व हेमलता राज्ये उपस्थित रहे। उन्होंने तत्कालीन मारवाड़ रियासत की इष्ट देवी मां चामुंडा की पूजा अर्चना की।
दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु
जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के समुचित इंतजाम के कारण गत वर्षों की तुलना में इस बार दर्शनार्थियों की संख्या में इजाफा नजर आया। मां चामुंडा के दर्शन के प्रति महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भी खासा उत्साह रहा। किले के जयपोल और फतेहपोल प्रवेश द्वार से सुबह सात बजे दर्शनार्थियों ने माता के जैकारे लगाते हुए प्रवेश किया।
आने-जाने की विशेष व्यवस्था
इस बार भी मेहरानगढ़ दुर्ग स्थित चामुंडा माता मंदिर में दर्शन के लिए महिला व पुरूषों की अलग-अलग व्यवस्था, नारियल के लिए स्थान निर्धारित किया। जयपोल के बाहर से ही एक पंक्ति में लाइनों की व्यवस्था की गई जो मंदिर तक रही और डीएफएमडी गेट से ही जयपोल व फतेहपोल से दर्र्शनार्थियों को प्रवेश दिया गया। पट्टे पर महिलाओं, बच्चों व वृद्धजनों के लिए आने-जाने की व्यवस्था की गई है, वे वहीं से जाएंगे और वहीं से आएंगे। इसी प्रकार पुरुषों व युवाओं के लिए सलीम कोट से होते हुए बसंत सागर से आने-जाने की व्यवस्था की गई है। इन सभी स्थानों पर बेरिकेड्स लगाए गए है। इसी तरह प्रशासन की ओर से एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की भी व्यवस्था की है।
जेल में हिन्दू बंदियों ने रखा व्रत
सेंट्रल जेल में भी हिंदू बंदियों ने नवरात्रा के व्रत शुरू किए है। इसके साथ ही यहां आज सुबह घट स्थापना भी की। बंदियों ने नवरात्रा आरंभ होने से एक दिन पहले ही बैरक की साफ-सफाई कर घट स्थापना की जगह तय कर ली थी। साथ ही बंदियों ने यह निर्णय किया था कि जो बंदी व्रत रखेंगे, उनके खाने-पीने और अन्य कार्य में मुस्लिम बंदी हाथ बंटाएंगे। इसके लिए मुस्लिम बंदी व्रत के खोलने के समय बंदियों के लिए खाना पकाएंगे, उन्हें खाना खिलाएंगे।

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