छह साल पहले निकाली गई आवासीय योजना को वापस बेचने की तैयारी

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कई लोगों के फंसे हुए है लाखों रुपए, पहले बेची थी सुशांत लोक के नाम से, अब आस्था होम्स के नाम से लूटे जा रहे है रुपए
जोधपुर। करीब छह साल पहले कुछ लोगों ने एक आवासीय व व्यावसायिक योजना को लॉन्च किया और उसके नाम पर लाखों रुपए डकार लिए। लाखों रुपए लेने के बाद भी उस योजना में अभी तक नींव नहीं खोदी और अब वापस उन लोगों ने इस प्रस्तावित भूखंड पर नये नाम से योजना निकालकर अन्य लोगों से रुपए हड़पने की तैयारी कर ली है। अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच गया है और पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है।
दरअसल रेजिडेंसी रोड स्थित महावीर नगर निवासी नरेंद्रमल जैन पुत्र सुमेरमल ने अदालत में इस्तगासा दायर कर शास्त्रीनगर पुलिस थाना में रिपोर्ट दी है कि नेहरू पार्क के पास स्थित सत्कार ग्रीन फील्ड्स के निदेशक प्रशांत जैन, मनीष जैन और भावना जैन ने करीब छह साल पहले विभिन्न समाचार पत्रों में पाली रोड स्थित ग्राम बासनी वाघेला में सुशांत लोक में फ्लैट्स के विक्रय के लिए विज्ञापन प्रकाशित करवाए थे। इस पर सुरेश कुमार एवं नंदेश संचेती ने इस योजना में अस्सी हजार वर्ग फीट की बुकिंग 19 सौ रुपए प्रति वर्ग फीट की र से करवाई तथा उनके बीच यह तय हुआ कि इन लोगों द्वारा अन्य लोगों से बुकिंग किए जाने पर उनके हक में विधिवत रूप से फ्लैट का भौतिक कब्जा सुपुर्द कर बेचाननामा पंजीयन करवा दिया जाएगा। इस विश्वास में आकर नरेंद्रमल जैन ने एक फ्लैट की बुकिंग करवाकर उस समय तीन लाख रुपए दिए। इसके बाद तीन लाख रुपए का एक और चेक दिया। इस प्रकार उसने छह लाख रुपए दिए। छह लाख रुपए देने के करीब छह साल बाद भी इस योजना में अभी तक नींव की खुदाई नहीं हो पाई। वापस रुपए मांगने पर वह भी नहीं दिए गए। आरोपी उसे हमेशा टालते रहे।
इधर आरोपियों ने इस योजना का नाम बदलकर एक बार वापस विक्रय के लिए प्रचार प्रसार शुरू कर दिया। इस बार उन्होंने आस्था होम्स के नाम से विज्ञापन दिया जबकि इस योजना में वह लोग पहले ही फ्लैट की बुकिंग कर लाखों रुपए हड़प चुके है। आरोपियों ने नई योजना को लेकर बेवसाइट भी बनाई है जिसमें यह भी लिखा है कि इस योजना को लेकर किसी अन्य को आपत्ति नहीं है।
नोटिस का भी असर नहीं
पीडि़त नरेंद्रमल जैन को जब इस धोखाधड़ी का पता चला तो उसने आरोपियों के नाम नोटिस भी भेजा लेकिन उन्होंने कागजों के अभाव में जवाब देने से इनकार कर दिया। वे लोग जमा राशि लौटाने से भी इनकार कर रहे है। अब वे लोग उसे धमकी भी दे रहे है। पीडि़त ने जब इसकी शिकायत पुलिस को की तो उन्होंने भी सीधे तौर पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इस पर अदालत में इस्तगासा दायर कर शास्त्रीनगर पुलिस थाना में रिपोर्ट दी। पुलिस ने अदालत के आदेश पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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