आईएमएफ की चेतावनी, मंदी से डूब जाएंगे अमेरिका के 5,000 अरब डॉलर

0
12

वाशिंगटन। वैश्विक अर्थव्यवस्था में यदि गंभीर मंदी की स्थिति पैदा होती है तो अमेरिका में 5 हजार अरब डॉलर की सार्वजनिक संपत्ति डूब जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने यह चेतावनी दी है।आईएमएफ ने कहा है कि मंदी से अमेरिका को केवल कर्ज और घाटा बढऩे से कहीं अधिक नुकसान होगा। आईएमएफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर की कई सरकारों के समक्ष इसी तरह का खतरा है। इसके बावजूद सरकारें स्पष्ट तौर पर अपनी संपदा या नेटवर्थ के बारे में खुलासा नहीं करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे नीति निर्माताओं को कुछ जानकारी नहीं हो पाती, जबकि वे इस तरह की सूचना का इस्तेमाल करके आर्थिक जोखिम को टालने में मदद कर सकते हैं।
आईएमएफ इस हफ्ते इंडोनेशिया में वल्र्ड बैंक के साथ सालाना बैठकों का आयोजन कर रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने सोमवार को वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्घि दर का अनुमान घटाया है। आईएमएफ ने इसकी प्रमुख वजह बढ़ते व्यापार तनाव को बताते हुए कहा कि अगले साल और उससे आगे अमेरिका की वृद्घि दर सुस्त पड़ेगी।
मंदी की आशंका इसलिए: अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अमेरिका में कई कारणों से मंदी की आशंका बढ़ रही है। व्यापार विवाद के साथ बढ़ती ब्याज दरों का दबाव भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक वित्तीय संकट के एक दशक बाद भी सार्वजनिक संपदा पर इसका असर बाकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 17 विकसित अर्थव्यवस्थाओं का नेटवर्थ वैश्विक संकट से पहले की तुलना में 11,000 अरब डॉलर घट गया है। चीन का नेटवर्थ घटकर सकल घरेलू उत्पादन के 8 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है, जबकि अमेरिका का नेटवर्थ पिछले चार दशकों से लगातार घट रहा है।

LEAVE A REPLY