सीलिंग विरोध: सड़क पर उतरे व्यापारी, एलजी और दिल्ली सीएम ने समाधान का दिलाया भरोसा

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नई दिल्ली
सीलिंग से झुब्‍ध दिल्‍ली के व्‍यापा‍री सड़क पर उतरे कि उससे पहले उपराज्‍यपाल और दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री ने उनको इस मामले में जल्‍द समाधान का भरोसा दिलाया है। दिल्‍ली में सीलिंग पर मचे सियासी घमासान के बीच अब यह देखना दिलचस्‍प होगा कि व्‍यापारी केजरीवाल और एलजी के भरोसे पर कितना यकीन करते हैं। सीलिंग से त्रस्त व्यापारी रफी मार्ग स्थित कंस्टीट्यूशनल क्लब में महापंचायत करने का ऐलान किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के बैनर तले 600 ट्रेड एसोसिएशन शामिल होंगी। इसमें सीलिंग रोकने के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। दिल्ली बंद करने को लेकर भी निर्णय होगा। व्‍यापारियों का कहना था कि यदि सरकार इस अ‍वधि तक समस्‍या का समाधान नहीं कर पाती तो वह सड़कों पर अपना आंदोलन शुरू करेंगे। उधर, राजधानी में चल रही सीलिंग की कार्रवाई के मसले पर शाम को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की। उन्होंने उपराज्यपाल को बताया कि कई जगहों पर बिना आर्डर दिखाए सीलिंग की जा रही है, मनमानी हो रही है। इसके बाद केजरीवाल ने कहा कि उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि सीलिंग के मसले पर केंद्र सरकार से बात हुई है। इस मुद्दे पर जल्द सामाधान निकाला जाएगा। उपराज्यपाल ने कहा कि सीलिंग को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है, जल्द कुछ उपाय निकाला जाएगा। इससे पहले भी उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार और आप विधायकों को यह भरोसा दिया था कि सीलिंग के मसले को सुलझाने के लिए कई उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी है।
पिछले दिनों आम आदमी पार्टी (आप) विधायक सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल के नाम एक पत्र लिखा था, जिसमें सीलिंग बंद करने का जिक्र था। 29 जनवरी को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आप विधायक के पत्र का जवाब देते हुए कहा था कि वह सीलिंग के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश न करें। उन्होंने यह भी कहा था कि सभी पहलुओं को समझने के लिए दुकानदारों व व्यापारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें हुई हैं। इस विषय पर सभी न्यायिक आदेशों एवं मौजूदा कानूनों को ध्यान में रखते हुए, संकट से उबरने के सभी संभावित समाधानों का पता लगाया जा रहा है। दिल्ली की 351 सड़कों को अधिसूचित किए जाने की अड़चनों की जानकारी लेने के लिए दिल्ली विधानसभा की विशेष समिति द्वारा बुलाई गई बैठक में तीनों निगम इन 351 सड़कों के सर्वे को लेकर उलझे दिखे। समिति के सामने पेश हुए तीनों निगम आयुक्तों ने साफ कहा कि वे दस्तावेजों के बगैर जांच किए सर्वे रिपोर्ट पर अपनी मुहर नहीं लगा सकते। हालांकि निगम आयुक्तों ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

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