सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ भारत बंद का मैसेज

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कठुआ कांड के विरोध में 20 और 29 अप्रैल को बंद का आह्वान
किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
जोधपुर। पूरा देश अभी दो अप्रैल को दलित वर्ग द्वारा करवाए गए भारत बंद के दौरान हुई हिंसक वारदातों से उभरा भी नहीं था कि अब वापस एक बार फिर सोशल मीडिया पर भारत बंद के मैसेज वायरल हो रहे है। इस बार भारत बंद का आह्वान मुस्लिम संगठनों की तरफ से जम्मू के कठुआ में आठ साल की बच्ची से गैंगरेप के बाद हत्या करने के मामले को लेकर किया जा रहा है। भारत बंद की तिथि बीस और 20 अप्रैल दी गई है। हालांकि अभी तक किसी भी मुस्लिम संगठन ने इन बंद को लेकर पुष्टि नहीं की है। कठुआ में आठ साल की बालिका से गैंगरेप के बाद हत्या करने के मामले में पूरे देश में रोष जताया जा रहा है। वहीं कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे है। ऐसे में सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर 20 और 29 अप्रैल को भारत बंद का मैसेज भी तेजी से वायरल हो रहा है।
कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए गलत और भडक़ाउ संदेश फैला रहे है। इन संदेशों के माध्यम से भारत बंद का आह्वान किया जा रहा है। खासतौर पर व्हॉट्सअप पर बंद का आह्वान किया जा रहा है। साथ ही साथ ही ये भी कहा जा रहा है इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा फैलाया जाए, जिससे मासूम को इंसाफ मिल सके।
संगठनों का जिक्र नहीं
ये संदेश एक समुदाय विशेष को इंगित करके भेजे जा रहे है। व्हॉट्सअप ग्रुप में ये सिलसिला पिछले सप्ताह से तेजी से फैल रहा है। इन संदेशों के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। भारत बंद के इन संदेश किसकी तरफ से जारी किए जा रहे है उन संगठनों का ना तो उन मैसेजों में जिक्र है और न ही कोई इनकी जिम्मेदारी ले रहा है।
लोगों की उड़ी नींद
भारत बंद के इन संदेशों ने कई मुस्लिम संगठनों की भी नींद उड़ा दी है। कई मुस्लिम संगठनों ने बयान जारी कर इन संदेशों को देश में माहौल खराब करने वाला करार दिया है। साथ ही समुदाय विशेष के युवाओं से भी अपील की जा रही है कि वो इस प्रकार के व्हॉट्सअप मैसेजों पर कोई ध्यान नहीं दें, किसी भी मुस्लिम संगठन ने किसी प्रकार से बंद का कोई आह्वान नहीं किया है। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि ये केवल उन लोगों की साजिश है जो देश में माहौल खराब करना चाहते हैं।

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